periods problems मासिक धर्म मेँ रुकावट कष्टकारी के घरेलु उपचार
समय पर मासिक धर्म न होने का कारण मस्तिष्क तथा भावनात्मक अवरोध भी हो सकता है। इसके अतिरिक्त शिशु जन्म, अधिक व्यायाम या शारीरिक वर्जन में तेज उतार-चढ़ाव आदि भी इस रोग के कारण हो सकते हैं।

periods problems मासिक धर्म मेँ रुकावट कष्टकारी के घरेलु उपचार

मासिक धर्म मेँ रुकावट कष्टकारी मासिक धर्म लक्षण एवं घरेलु उपचार

periods problems समय पर मासिक धर्म न होने का कारण मस्तिष्क तथा भावनात्मक अवरोध भी हो सकता है। इसके अतिरिक्त शिशु जन्म, अधिक व्यायाम या शारीरिक वर्जन में तेज उतार-चढ़ाव आदि भी इस रोग के कारण हो सकते हैं।

क्षयरोग, खून की कर्म, कुछ विशेष औषधियों का सेवन या हार्मोन्स का असंतुलन भी मासिक धर्म में रुकावट के कारण हो सकते हैं ।

लक्षण – समय पर मासिक धर्म न होना ।

उपचार – समय पर मासिक धर्म न होना स्वयं में कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं है।

इसका प्रभाव इतना ही होता है कि स्त्री उस समय तक गर्भ धारण नहीं कर सकती जब तक मासिक धर्म दोबारा न होने लगे।

यदि किसी अन्य रोग के कारण समय पर मासिक धर्म न हो रहा हो तथा समस्या गम्भीर हो तो चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

periods problems मासिक धर्म मेँ रुकावट कष्टकारी मासिक धर्म लक्षण एवं घरेलु उपचार

1 नियमित रूप से व्यायाम करना तथा संतुलित आहार मासिक धर्म सम्बंधी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।

अत्यधिक परिश्रम तथा डायटिंग से भी बचना चाहिए।

2 मासिक धर्म में व्यवधान आने पर कासनी के बीजों का काढ़ा बनाकर सेवन करना चाहिए।

सर्दी अधिक लगने से बन्द हो जाने वाले मासिक धर्म या अनियमित मासिक धर्म को ठीक करने के लिए अदरक का रस गरम पानी में मिश्रित कर शहद या चीनी मिलाकर प्रतिदिन दो या तीन बार भोजन के बाद पीना चाहिए।

3 60 ग्राम सोरा के पत्तों का काढ़ा और अजवाइन के पत्तों का एक चम्मच रस मिश्रित कर दिन में तीन बार सेवन करने से मासिक धर्म नियमित होता है।

यह रक्त की कमी से बन्द हुए मासिक धर्म को खोलने में भी सहायक है।

4 सर्दी आदि के कारण या युवा अविवाहिता लड़कियों में भय के कारण रुक जाने वाले मासिक धर्म के उपचार में कच्चा पपीता खाना लाभदायक है।

5 केले के फूलों को पकाकर दही के साथ औषधि के रूप में सेवन करने से मासिक धर्म की सामान्य परेशानियां दूर होती हैं।

कष्टकारी मासिक धर्म (माहवारी) का घरेलु इलाज

Periods problems सम्बंधी समस्याओं में दूसरी प्रमुख समस्या है कष्ट के साथ मासिक धर्म आना।

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कष्टकारी मासिक धर्म का कारण

कष्ट से आने वाले मासिक धर्म का मुख्य कारण यह है कि हार्मोस के अधिक स्राव से गर्भाशय सिकुड़ जाता है और दूषित रक्त के स्रवित होने में बाधा आ जाती है।

कष्टकारी मासिक धर्म के लक्षण

मासिक धर्म से कुछ घंटे पहले तीव्र पीड़ा होना इसका प्रमुख लक्षण है।

कभी-कभी रीढ़ में दर्द तथा श्रोणि में भी पीड़ा होती है।

कष्टकारी मासिक धर्म का उपचार


इस समस्या के उपचार के लिए व्यायाम, ध्यान तथा आहार में सब्जियों आदि का अधिक सेवन करना लाभदायक है।

पीड़ा निवारण के लिए एस्पिरीन भी ली जा सकती है।

समस्या गम्भीर होने पर चिकित्सक से परामर्श करना उचित है।

कुछ अन्य प्राकृतिक उपाय नीचे दिये गए हैं।

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1 हींग का सेवन स्त्रियों में मासिक धर्म सम्बंधी समस्याएं दूर करने में बहुत सहायक है।

12ग्राम हींग घी में भूनकर 100 – 125 ग्राम बकरी के दूध में शहद मिश्रित कर दिन में दो-तीन बार एक महीने तक सेवन करने से इस समस्या से छुटकारा मिलता है।

2 आधा चम्मच तिल का चूर्ण गरम पानी में दिन में दो बार लेने से इस रोग का उपचार होता है।

3 मूली के बीजों का चूर्ण तीन-चार ग्राम की मात्रा में प्रातः

तथा सायं गरम पानी के साथ सेवन करने से कष्ट से होने वाला मासिक धर्म ठीक होता है।

4 बथुए का किसी भी रूप में प्रयोग कष्ट से आने वाले मासिक धर्म में गुणकारी है।

यदि मासिक धर्म के दिनों में जांघों में पीड़ा हो तो इन दिनों नित्य नीम के पत्तों का रस छह ग्राम, अदरक का रस 12ग्राम तथा समान मात्रा में जल मिश्रित कर सेवन करने से तुरंत ही पीड़ा में लाभ होता है।

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Rajji Nagarkoti

My name is Abhijeet Nagarkoti . I am 31 years old. I am from dehradun, uttrakhand india . I study mechanical. I can speak three languages, Hindi, Nepali, and English. I like to write blogs and article

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